vastu for home

Astrology


Vastu for home


दिशाएं दूषित तो घर में संकट

Vastu Vision वास्तु चक्र में ठीक ऊपर उत्तर दिशा होती  है. वास्तु पुरुष के अनुसार पूर्व एवं उत्तर का आय दिशा अगम सदृश्य और दक्षिण और पश्चिम दिशा अंत सदृश्य है. ज्योतिष के अनुसार पूर्व दिशा में सूर्य एवं उत्तर दिशा में बृहस्पति कारक है.

पश्चिम में शनि और दक्षिण में मंगल की प्रबलता है. ग्रह की प्रकृति, उसकी मित्र एवं शत्रु राशि तथा उसकी अंशात्मक शुद्धि के विश्लेषण से जातक के जीवन में घटने वाली खास घटनाओं का अनुमान लगाया जा सकता है .
भाव 6, 8 और 12 अशुभ ज्योतिष के अनुसार भाव 6, 8 और 12 अशुभ हैं . इन भावों का सर्ज  शुभ भावों से होने पर दोष उत्पन्न हो जाता है , जैसे यदि सप्तमेश भाव में हो तो पश्चिम दिशा में अप्रमेश पंचम में हो तो न ( दक्षिण – पश्चिम ) में , दशमेश घष्ठ में हो तो दोष देगा . ग्रहण योग ! | केतु ) की स्थिति उस दिशा से संबंधित दोष पैदा करेगी . में में हो तो नैऋत्य


चतुर्थ भाव दूषित आपके घर में जल का संकट है या पानी की तंगी रहती है या माता संबंध अच्छे नहीं हैं अथवा आपका वाहन प्रतिदिन खराब रहने लगता है, या आप अपनी पारिवारिक संपत्ति के लिए परेशान हैं तो आप समझ लीजिए कि चतुर्थ भाव दूषित है. इस दोष से मुक्ति पाने के लिए आप चावल की खी सोमवार के दिन प्रातः अवश्य बनाएं और अपने परिवार सहित इसका सेवन करें. यदि इसी समय कोई अतिथि आ जाए तो बहुत अच्छा शगुन है, उसे भी यह खीर खिलाएंगे तो अति शुभ फल शीघ्र आपको प्राप्त होगा.
संतान सुख संतान आज्ञाकारी नहीं है या संतान सुख आपको प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो आपका पंचम भाव दूषित हो रहा है जो आपके घर या भवन प्रवेश द्वार है. प्रवेश द्वार में टॉयलेट या सीवर अवश्य होगा दिशा दूषित है, अतः सुधारें और सूर्य यंत्र या तांबा प्रवर स्थापित करने से आपको लाभ प्राप्त होगा. 
पूर्व दिशा में दोष इसी प्रकार लग्नेश व लग्न में नीच राशि का पीड़ित है। दोष का सूचक है. आग्नेय ( एकादश – द्वादश ) में अष्टमेश के होने से ईशान कोण में दोष होता है. ९ होना वायव्य में दोष का द्योतक है. यदि कोई भ ( वायव्य ) में हो तो उस भाव संबंधी स्थान में महा। पाड़ित होना पूर्व दिशा में 1) में पापग्रह, अशेश था। ता है. लग्नेश का पंचम में कोई भावेश पंचम या  महादोष उत्पन्न होता है।
अग्नि का संबंध तो छठे भाव से घर में अग्नि का संबंध तो छठे भाव से जाना जाता है और रसोई इसका कारक है. घर में यदि सदस्यों का स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो इसकी स्थिति सुधारें. इस दोष को दूर करने के लिए आप धनिया ( साबुत ) लेकर किसी भी कपड़े में बांधकर रसोई के किसी भी भाग में टांग देंगे तो लाभ होना आरंभ हो जाएगा.

Directions corrupted in the home crisis

Vastu Vision is right up north direction in the Vaastu Chakra.  According to the Vaastu Purush, the direction of the east and the north direction is like the vision and the south and the west direction are the endings.  According to astrology, the Sun is in the east and Jupiter is in the north.


Saturn in the west and the strongness of Mars in the south.  Special events occurring in the life of the person can be estimated by analyzing the nature of the planet, its friend and enemy zodiac, and its numerical purification.
Quote 6, 8 and 12, according to the inauspicious astrology, prices 6, 8 and 12 are inauspicious.  The fault arises when these expressions are found in auspicious expressions, such as if in the Saptamesh house, in the west direction, in the absence of the fifth, then in the (south-west), in Dashmesh Hatha, they will blame.  Eclipse Yoga!  Ketu) will create a defect related to that direction.  In the southwest


Fourth price contaminated is the water crisis in your home or the watertight or the mother relationship is not good or your vehicle gets worse every day, or you are worried about your family property, then you should understand that the fourth price is contaminated.  To get rid of this flaw, you must prepare rice on Monday and eat it along with your family.  If a guest arrives at this time, it is a very good omen, even if you feed this kheer, then you will get very good results soon.
Children are not obedient or children are not able to receive happiness, so your fifth house is getting contaminated, which is the gateway to your house or building.  Toilet or sewer must be in the entrance is contaminated direction, so improve and you will get benefit from setting up the sun instrument or copper.


 vastu for homeThe flaw in the east is likewise a victim of low birth in marriage and marriage.  The defect is indicative.  With the presence of Ashtesh in southeast (Ekadash-Dwashash), there is a fault in the north-east angle.  9 is the sign of defect in the northwest.  If anybody is in the northwest, then in that respect place Maha  Being impaired 1) In the East, Paphara, Ashesh was there.  Yes.  In the fifth house of the wedding, there is no Bhavesh Pancham or Mahodhosa.
In relation to fire, the connection of fire in the house with the sixth house is known by the sixth house and the kitchen is its factor.  If the health of the members is not good at home then improve its condition.  To remove this flaw, you will take the coriander (whole) and put it in any cloth and hang it on any part of the kitchen and the benefit will start.

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