Story of Chandrayaan 2 in Hindi

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Chandrayaan 2 की शुरुवात कैसे हुई जानेगे

Story of Chandrayaan 2 in Hindi

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Indian Space Research Organisation यानी के ISRO ने शनिवार को एक ऐतिहासिक भूमिका पार करने वाला था.

हमने जो MOON पर Research करने के लिए एक सेटेलाइट भेजा था.

जिसे Chandrayaan 2 के नाम से जाना जाता है उसमें एक Lander था उसका नाम था.

Vikram lander जिसे हम चंद्रमा की सतह पर उतारने वाले थे.

चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर इस Lander को उतारने जाने वाला था इस Lander को उतारने वाला भारत पहला ही देश होने वाला था इसलिए पूरी दुनिया का ध्यान हम पर था.

बेंगलुरु Chandrayaan 2 नियंत्रण कक्षा में शुक्रवार से ही भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी.

शनिवार को Vikram Lander को चंद्रमा की सतह पर उतारने का काम चालू होने वाला था, इसलिए सभी Scientist में उत्साह का वातावरण था.

Chandrayaan 2 के और बिकने से Vikram Lander और को अलग करने का वक्त आ गया था.

Vikram रेंडर का Speed लगभग 6000 किलोमीटर था.

लेकिन उसको Speed 6000 किलोमीटर से 0 किलोमीटर तक लाने का काम ISRO के scientist कर रहे थे; कोई भी मिशन का यह सबसे डिफिकल्ट टास्क होता है. इसे Scientist “15 मिनट ऑफ टेरर” से संबोधित कर रहे थे.

इस 15 मिनट में पूरा कंट्रोल कंप्यूटर के पास था; क्योंकि साइंटिस्ट की कमांड Vikram Lander पर पोहचने में समय लगने वाला था; इसलिए यह पूरी तरह से कंप्यूटर ऑपरेट था.

इस काम में Vikram Lander के इंजन बंद-चालू करके उसे सही डायरेक्शन देकर चंद्र की सतह पर उतारने क्या काम चालू था.

यह ऐतिहासिक घटना को देखने के लिए खुद पंतप्रधान नरेंद्र मोदी अपने साथ 80 विद्यार्थियों को लेकर Chandrayaan 2 के नियंत्रक कक्षा में आए थे.

अब वो वक्त आ गया था जब Chandrayaan 2 से Vikram Lander को अलग होने का वक्त आ गया था.

1:38 रात को सभी Scientist ने एक दूसरे का अभिनंदन किया क्योंकि Vikram Lander Chandrayaan 2 से अलग हो चुका था; और वह अब चंद्रमा की सतह पर उतारने के लिए बिल्कुल तैयार था.

जब Vikram Lander चंद्र का चंद्रमा की सतह से 35 किलोमीटर ऊंचाई पर था; तब Vikram Lander के 5 में से 2 थ्रस्टेड को चालू कर दिया गया.

जिससे कि Vikram Lander का Speed कम हो सके जब Vikram Lander चंद्रमा के सतह से 7.4 किलोमीटर ऊंचाई पर था.

तब उसका Speed 10 गुना कम हो गया.

चंद्रमा की सतह पर उतरने के 2 स्टेप Vikram Lander ने पूरी तरह से पार कर लिए थे

अब वक्त था 3 Step का जिसे ISRO के Scientist “फाइन ब्रेकिंग” Step कहते हैं.

Vikram Lander का Speed अब 187 किलोमीटर इतना कम हो चुका था Vikram Lander चंद्रमा के स्वता के ठीक ऊपर था.

अब यह वह वक्त था जिस पर पूरी दुनिया की नजर गड़ी हुई थी ISRO के Scientist ओ पर थी.

Vikram Lander चंद्रमा की सतह के  ठीक ऊपर 2.1 किलोमीटर पर कंप्यूटर पर जब “ग्रीन हाईलाइट लाइन” थी उसने इंडिकेट करना चालू कर दिया कि Vikram Lander “ग्रीन हाईलाइट लाइन” से बाहर जा रहा है.

और उसके कुछ समय बाद यह “ग्रीन हाईलाइट लाइन” Stop हो गई यानी कि Vikram Lander का Contact ISRO के नियंत्रण कक्ष से टूट गया था.

चंद्रमा की सतह पर ठीक 2.1 किलोमीटर पर ही Vikram Lander का Contact टूट गया यह हुआ 1.51 बजे रात को कुछ देर बाद ISRO के चीफ Scientistके. सीवनपंतप्रधान नरेंद्र मोदी के पास आए और उन्होंने कहा कि हमारा Vikram Lander से संपर्क टूट गया है.

और यह बताते वक्त वह काफी भावुक हो गए और वह अपने आंसू रोक नहीं पाए यह ऐतिहासिक पल पूरी दुनिया देख रहा था यहां पर पंतप्रधान नरेंद्र मोदी ने ISRO के Scientist को काफी प्रेरणा दी.

Chandrayaan 2 मिशन 95% सक्सेसफुल है और Vikram Lander की बात की जाए तो आने वाले कुछ महीनों में हम उससे संपर्क कर ही लेंगे।

यह हम इंडियन लोगों की बड़ी जीत है.

Chandrayaan 2 को हमने सिर्फ ऑर्बिट में पहुंचाया ही नहीं बल्कि उसे चंद्रमा के सतह पर लैंड भी किया है.

सिर्फ vikram लैंडर का संपर्क टूटने से हमारा मिशन फेल नहीं होता कुछ दिनों के बाद हम उससे Contact कर ही लेंगे और दुनिया में सबसे पहला देश बनेंगे जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपना खुद का लैंडर भेजा.

अब बात करते हैं कि चंद्र पर कितने मिशन भेजे गए थे किन-किन देशों ने

आगे पढ़ने के  लिए link पर जाये 

Chandrayaan 2 Fail or Success 

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