The Chinese language made compulsory in Nepal

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The Chinese language made compulsory in Nepal

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नेपाल के स्कूलों में चीनी भाषा सिखाना हुआ अनिवार्य

चीनी भाषा को कंपलसरी बनाया गया है नेपाल के स्कूलों में यह काफी बडी डेवलपमेंट है चाइना की नेपाल में आखिरकार चाइना क्यों अपनी लैंग्वेज नेपाल में कंपलसरी बना रहा है स्कूल में यह सब जाएंगे हम इस आर्टिकल में जो काफी डिटेल में दिया गया है.

यह चाइना के लिए बहुत बड़ी कल्चरल जीत है.  इसका इंपैक्ट रीजन में क्या होगा इंडिया में क्या होगा पूरे वर्ल्ड में इसके क्या impact होने वाले हैं यह सब जानेंगे इस आर्टिकल में तो शुरू करते हैं आज के टॉपिक्स के साथ आखिरकार क्यों चाइना अपनी लैंग्वेज नेपाल पर थोप रहा है.

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  तो बहुत बड़ी डेवलपमेंट हुई है नेपाल में 90% से भी ज्यादा स्कूलों में चाइनीस भाषा  सिखाई जाएंगी.   ना कि यह सिर्फ सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों में भाषा को सिखाना कंपलसरी कर दिया है.

इसका बहुत ही बड़ा इंपैक्ट पड़ सकता है नेपाल में चाइना अपनी भाषा बड़ी ही लार्ज स्केल पर नेपाल मे फैला रहा है।  इसे लैंग्वेज कॉलोनाइजेशन भी कहा जाता है इसका इंपैक्ट किस तरह से नेपाल में पड़ेगा।

आज से 10 या 15 साल के बाद नेपाल में  चीनी लैंग्वेज कॉमन बन जाती है तो बहुत सी चाइनीस कंपनी नेपाल में अट्रैक्ट होगी.  तो यह कंपनियां नेपाल में इन्वेस्ट करना चाहेंगी.  इसी वजह से नेपाल में उन्हें बिजनेस करना बहुत ही आसान हो जाएगा. और इस वजह से नेपाल भी कल्चर से भी इंडिया से दूर होता चला जाएगा. और चाइना के ज्यादा करीब आ जाएगा.

वैसे तो नेपाल की ऑफिशल लैंग्वेज है नेपाली. लेकिन वह लिखते हैं देवनागरी लिपि में यानी कि इंडिया के लिपिन में. और इसमें आपको हिंदी से काफी  मेल देखनी पड़ती है.

इन सब चीजों का इंपैक्ट इंडिया के लिए बहुत ही बुरा होगा.  यहां पर देखने वाली बात यह है कि नेपाल जैसे देशों मे  रिसोर्स की काफी कमी है इसमें चीनी लैंग्वेज कैसे सिखाएगा.

इन सब की जिम्मेदारी ली है चाइनीस गवर्नमेंट ने चाइनीस गवर्नमेंट ने नेपाल को यह ऑफर दिया है चाइनीस गवर्नमेंट ने यह कहा कि आप सब नेपाल में मारे टीचरों की खाने पीने की व्यवस्था करें और उनकी सैलरी का जिम्मेदारी चाइनीस सरकार खुद उठाएंगी की एक्सपेक्टेशन सीपी यही है कि आने वाले दशक में चाइनीस लैंग्वेज पूरे एशियन कंट्री में पूरी तरह फैल जाए.

पिछले कुछ दशकों में चाइना ने  इंडिया के आसपास की कंट्री को कॉलोनाइज बना के रखा हुआ है जैसे कि पाकिस्तान बांग्लादेश मालदीव  श्री लंका आईलैंड पर अपना कब्जा बनाए रखा हुआ है.

भूटान की बात करें तो इंडिया के साथ उसके रिलेशन काफी अच्छे थे लेकिन हुआ क्या है चाइना ने उसे अपनी तरफ मोड़ लिया है.

पाकिस्तान की बात करें तो चाइना के उसके साथ काफी अच्छे रिलेशन है धीरे धीरे चाइना की कॉलोनाइजेशन  पाकिस्तान पर शुरू हो जाऐगी.

अगर बात की जाए नेपाल के बारे म इंडिया के काफीें करीबी कंट्री नेपाल है जिस तरह से नेपाल की इकोनॉमिक्स चाइनीस गवर्नमेंट के पक्ष में झुकती हुई नजर आ रही है उस तरह से इंडिया के लिए काफी बड़ा इंपैक्ट होने वाला है.

नेपाल चाइनीस गवर्नमेंट से काफी लोन ले चुका है वह के इन्फ्राट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए के लिए चाइनीस गवर्नमेंट से नेपाल ने लिया है.

नेपाल गवर्नमेंट  डेवलपमेंट के लिए हाइड्रोलिक पावर जैसे बड़े-बड़े स्ट्रक्चर चाइनीस गवर्नमेंट को बिना किसी प्रॉब्लम के दे रही है.

आज के टाइम में नेपाल चाइनीस गवर्नमेंट के इंफ्लूलेंस में आ चुका है.  इसका बहुत ही बड़ा झटका इंडिया को लगने वाला है.

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