फेसबुक की Libra Cryptocurrency क्या है?

Facebook की Libra cryptocurrency क्या है?

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फेसबुक की Libra Cryptocurrency क्या है?

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Facebook की Libra cryptocurrency क्या है?

आज हम जाने वाले हैं फेसबुक की नई करेंसी Libra के बारे में यह टॉपिक आजकल न्यूज़ में क्यों है क्यों Facebook अपनी  नई डिजिटल करंसी क्यों लॉन्च करने वाला है यह सब जानेंगे हम इस  आर्टिकल में. 

फेसबुक ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया अपने डिजिटल करंसी लॉन्च करने का क्योंकि पहले से ही मार्केट में बहुत सारी करेंसी है थे  जिसे हम क्रिप्टो करेंसी भी कहते हैं.

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को जानते हैं  Facebook की नई करेंसी Libra के बारे में आखिरकार   फेसबुक ने अपना ऑफिशल स्टेटमेंट दे दिया है कि वह करेंसी Libra जिसे हम क्रिप्टोकरंसी भी कहते हैं  Facebook जल्दी ही लॉन्च करने वाला है.

क्या  फेसबुक बिटकॉइन जैसे बड़े क्रिप्टोकरंसी का सामना कर पाएगा  Facebook की  डिजिटल करेंसी कैसी होगी यह सब हम जाने वाले हैं इस आर्टिकल में डिजिटल करेंसी कैसे यूज़ होंगे बिटकॉइन के साथ इसके कोई सिमिलर रिश्ते होंगे  एस्की वैल्यू बिटकॉइन जैसी होगी या उससे ज्यादा  यह सब जानेंगे इस आर्टिकल में.

लेकिन एक प्रश्न सामने आता है आखिरकर  फेसबुक इतने लेट अपनी खुद की करंसी बाजार में लेकर आ रहा है कि पहले ही बाजार में हजारों  डिजिटल करेंसी मौजूद है  और यह किस तरह से बीट कौन से अलग होंगी. 

18 जून 2019 को  Facebook Facebook ने ऑफिशल स्टेटमेंट दिया है कि वह अपनी खुद की करेंसी लिब्रा मार्केट में लॉन्च करने वाले हैं  फेसबुक नहीं दुनिया के सामने  अनाउंस क्या है कि फेसबुक एक डिजिटल करेंसी मार्केट में लेकर आएंगे जिसका नाम है Libraऔर यह 2020 तक लांच हो जाएंगी.

यह एक से  Facebook की डिजिटल करंसी नहीं होंगी इसके पीछे बहुत सारी कंपनी होंगे जिनके शेरहोल्डर फेसबुक में है जो इसे वैल्यू प्रोडक्ट करेंगी Libra बेसिकली रन की जाएंगी एक कंपनी के द्वारा Libra एसोसिएशन जो एक जेनेवा बेस कंपनी होंगी.

सारी कंपनियां इसे मिलकर बनाएंगे जो आप आपके सामने वाले इमेज में देख सकते हैं

Facebook की Libra cryptocurrency क्या है

जैसे कि वीजा इबे आप बहुत सारी वेरियस कंपनी है जो इसे वैल्यू  प्रोवाइड करवाएंगे.

सबसे पहले यह तो एक क्रिप्टोकरंसी होगी  क्रिप्टो करेंसी यानी कि यह एक क्रिप्टोग्राफी का यूज करेंगे यहां पर ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का यूज होगा. जिस तरह से बिटकॉइन यूज होता है उसी तरह  फेसबुक कि यह क्रिप्टो करेंसी भी यूज़ होंगी. लेकिन  फेसबुक ने यह दावा किया है कि यह उनकी डिजिटल करेंसी Libra बिटकॉइन से काफी अलग होंगी देखते हैं यह किस प्रकार अलग होंगी यह जानेंगे.

यह करंसी कभी प्रिंटर नहीं होंगे यह करेंसी हमेशा डिजिटल फॉर्म में रहेंगे ते हो ट्रांसलेशन पर किसी भी प्रकार का चार्ज आपको Pay नहीं करना होगा. और इसकी वैल्यू आएंगी इसके डिमांड से आप सबको एक प्रश्न हो तो आया ही होगा कि बिट कॉइन की वैल्यू आज मार्केट में इतनी ज्यादा क्यों है एग्जांपल के लिए आज एक बिटकॉइन की कीमत 10000 यूएस डॉलर है क्यों है यह आजकल इतना ज्यादा आगे क्यों पहुंच गया.

पहली बात तो यह कि बिटकॉइन Value बनने के लिए उसे 10 साल लगे. उसे यहां तक आने के लिए बहुत सारा लंबा समय लग गया. दिनों में बिटकॉइन की तीन भी नहीं थी या $1 भी नहीं थी अचानक से इतना बड़ा growth इसमें कैसे दिखाई दिया. 

देखो यहां पर किसी भी चीज की वैल्यू बढ़ती है उसकी डिमांड से अगर बिटकॉइन के बारे में बात की जाए तो बिट कॉइन की वैल्यू है 21 मिलियन बिटकॉइन कभी भी दुनिया में 21 मिलियन बिटकॉइन से ज्यादा के  बिटकॉइन सरकुलेशन में नहीं होंगे.

इसलिए उसकी डिमांड बढ़ती गई इनिशियली डिमांड इसकी बड़ी क्यों क्योंकि लोगों ने इसके Use करना स्टार्ट कर दिया.

बिटकॉइन के बारे में बात किए जाए यूएसए यूके यूरोप में काफी यूज किया जाता है इसका मतलब जिस करेंसी का आप ज्यादा यूज करते हैं उसकी डिमांड अपने आप बढ़ जाती है.

Facebook के साथ भी ऐसा ही होगा जहां पर  लोग चाहेंगे  फेसबुक की करेंसी को एक्वायर करना इसके माध्यम से  फेसबुक की नई करेंसी Libra करेंसी के सामने दुनिया में आएंगे.

आपके माइंड में एक प्रश्न आता होगा कि बिटकॉइन जैसे बड़ी क्रिप्टोकरंसी होने के बावजूद भी आप  Facebook अपनी करंसी लॉन्च करने वाला है.

Libra के बारे में बात किया जाए तो यह पहेली  सेफर ऑप्शन प्रोवाइड करती है.  इस करेंसी में कुछ मेजर डिफरेंस है बिटकॉइन को लेकर पहली बात यह है कि बिटकॉइन एक सेंट्रलाइज करेंसी  नहीं है. बिटकॉइन को कोई सरकार कोई कंपनी ऑपरेट नहीं करती बिटकॉइन हम सब माइनिंग करते हैं. बिटकॉइन आज के जमाने में किस तरह से काम कर रहा है दुनिया भर में हजारों लाखों लोग अपने कंप्यूटर के जरिए बिटकॉइन को पावर प्रोवाइड कर रही है यहां पर बिटकॉइन एक ब्लॉकचेन के जरिए काम करता है. बिटकॉइन को मैनेज करने के लिए आपको बिटकॉइन माइनिंग सॉफ्टवेयर की जरूरत होगी.

उदाहरण के लिए देखा देखा जाए तो एक व्यक्ति को बिटकॉइन खरीदना हो तो उसके पास एक ऑप्शन है कि वह वह काफी हाई टेक्नोलॉजी वाला कंप्यूटर यूज़ कर सकता है यानी कि उसको 300000 ₹400000 का एक कंप्यूटर बनाना पड़ेगा.

इसके बाद वह एक बिटकॉइन को सॉफ्टवेयर अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल करेगा. और उसके बाद उसका कंप्यूटर माइनिंग स्टार्ट कर देगा. कलीग उसके कंप्यूटर में जो भी पावर है वह बिटकॉइन को प्रोवाइड करेगा. जॉनी के जितना बड़ा आपका हाई टेक्नोलॉजी वाला कंप्यूटर होगा उसके हिसाब से आपको बिटकॉइन मिलना शुरू हो जाएगा.

यानी कि यहां पर बिटकॉइन को लोग ही चलाते हैं कोई सरकार या कोई कंपनी इसे नहीं चलाती.

मगर Libra में ऐसा कुछ नहीं होगा लिब्रा में कोई भी क्रिप्टोकरंसी माइनिंग का सॉफ्टवेयर नहीं होगा. यहां पर बहुत सारी कंपनियां मिलकर लिब्रा को वैल्यू प्रोवाइड करवाएंगे. एक जेनेवा बेस कंपनी है जो Libra को  कंट्रोलकरने का काम करेंगे.

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